₹10 लाख वर्चुअल पैसे से पेपर ट्रेडिंग — भारतीय शेयर, F&O, US स्टॉक, क्रिप्टो और सोना
लाइव भाव पर चलने वाला असली जैसा डेमो ट्रेडिंग अकाउंट। Reliance खरीदें, Nifty कॉल बेचें, सोना शॉर्ट करें, थोड़ा बिटकॉइन जोड़ें — फिर देखें आपकी पोज़िशन और मुनाफ़ा-नुकसान हर पल कैसे बदलता है, एक भी रुपया जोखिम में डाले बिना।
- ट्रायल के लिए कोई कार्ड नहीं चाहिए
- फिर ₹199/महीना · अपने आप रिन्यू नहीं
- BullishBrush Pro में मुफ़्त
पेपर ट्रेडिंग क्या है — और ट्रेडर इसे क्यों इस्तेमाल करते हैं
पेपर ट्रेडिंग (जिसे वर्चुअल या डेमो ट्रेडिंग भी कहते हैं) में आप ब्रोकर की तरह ही ऑर्डर देते हैं, लेकिन प्रैक्टिस के पैसे से। ऑर्डर के प्रकार सीखने, स्ट्रैटेजी परखने या अपनी पूँजी लगाने से पहले स्टॉप-लॉस की आदत डालने का यह सबसे तेज़ तरीका है।
BullishBrush पेपर ट्रेडिंग टर्मिनल में एक ही स्क्रीन पर पाँच मार्केट हैं: NSE के भारतीय शेयर, Nifty, Bank Nifty और स्टॉक फ्यूचर-ऑप्शन, लोकप्रिय US स्टॉक और ETF, प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी, और COMEX का सोना, चाँदी और ताँबा। सारा हिसाब एक ही रुपये के वॉलेट में होता है, ताकि आप देख सकें कि US स्टॉक या बिटकॉइन का ट्रेड भारतीय पोर्टफ़ोलियो पर असल में क्या असर डालता है — करेंसी के उतार-चढ़ाव सहित।
3 कदम में शुरू करें
- मुफ़्त अकाउंट बनाएँईमेल या Google से साइन अप करें — आपका ₹10 लाख का प्रैक्टिस वॉलेट तुरंत तैयार।
- इंस्ट्रूमेंट चुनेंकोई भी शेयर, इंडेक्स, कॉइन या मेटल खोजें, या वॉचलिस्ट से टैप करें।
- ट्रेड करेंखरीदें या बेचें चुनें, मार्केट / लिमिट / स्टॉप ऑर्डर, स्टॉप-लॉस और टार्गेट जोड़ें — और लाइव मुनाफ़ा-नुकसान देखें।
असली ट्रेडिंग टर्मिनल जैसा
ठीक से प्रैक्टिस के लिए जो कुछ चाहिए — डेस्कटॉप और मोबाइल पर।
⚡ लाइव भाव
हर कुछ सेकंड में भाव अपडेट होते हैं, साथ में लाइव मुनाफ़ा-नुकसान, अकाउंट मूल्य, मार्जिन और उपलब्ध पैसे — बिल्कुल ब्रोकर ऐप की तरह।
🧾 असली ऑर्डर प्रकार
मार्केट, लिमिट और स्टॉप-लॉस ऑर्डर। मार्केट बंद होने पर दिए गए ऑर्डर कतार में रहते हैं और खुलने पर एक्ज़ीक्यूट होते हैं।
🛡️ स्टॉप-लॉस और टार्गेट
किसी भी एंट्री के साथ ब्रैकेट जोड़ें: स्टॉप-लॉस या टार्गेट में से एक भरते ही दूसरा अपने आप रद्द हो जाता है (OCO)।
⭐ वॉचलिस्ट और सर्च
180+ इंस्ट्रूमेंट में एक ही सर्च — NSE शेयर, इंडेक्स, US स्टॉक, क्रिप्टो और मेटल — और अपनी वॉचलिस्ट।
📱 मोबाइल के लिए बना
नीचे टैब, एक टैप में खरीद-बिक्री, तेज़ मात्रा बटन (25% · 50% · Max) और बड़े बटन।
📊 अपनी प्रगति देखें
पोज़िशन, ऑर्डर बुक, चार्ज सहित ट्रेड हिस्ट्री, विन रेट, प्रॉफ़िट फ़ैक्टर, इक्विटी कर्व और CSV एक्सपोर्ट।
7 दिन हर मार्केट में पूरा एक्सेस। कोई कार्ड नहीं चाहिए।
मुफ़्त शुरू करेंभारतीय शेयर, F&O, US स्टॉक, क्रिप्टो और मेटल में अनलिमिटेड पेपर ट्रेडिंग। अपने आप रिन्यू नहीं।
शुरू करेंPro सदस्यों को पेपर ट्रेडिंग के साथ सभी Pro टूल और कोर्स पर छूट मिलती है।
Pro देखेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पेपर ट्रेडिंग क्या है?
पेपर ट्रेडिंग वर्चुअल पैसे से की जाने वाली सिम्युलेटेड ट्रेडिंग है। आप लाइव बाज़ार भाव पर असली जैसे ऑर्डर देते हैं और प्लेटफ़ॉर्म आपकी पोज़िशन और मुनाफ़ा-नुकसान का हिसाब रखता है — लेकिन कोई पैसा नहीं लगता और कोई ऑर्डर एक्सचेंज तक नहीं जाता।
क्या पेपर ट्रेडिंग मुफ़्त है?
पहले 7 दिन मुफ़्त — कोई कार्ड नहीं चाहिए। उसके बाद पेपर ट्रेडिंग प्लान ₹199 प्रति महीना है, अपने आप रिन्यू नहीं होता, और BullishBrush Pro में मुफ़्त शामिल है।
किन मार्केट में पेपर ट्रेड कर सकते हैं?
NSE शेयर (120+ लोकप्रिय नाम), Nifty, Bank Nifty और स्टॉक के फ्यूचर-ऑप्शन, 40 US स्टॉक और ETF (Apple, Nvidia, Tesla, SPY, QQQ…), बिटकॉइन और इथेरियम सहित 14 क्रिप्टोकरेंसी, और COMEX का सोना, चाँदी, ताँबा, प्लैटिनम और पैलेडियम।
भाव कितने लाइव हैं?
भाव पब्लिक मार्केट डेटा फ़ीड से आते हैं और स्क्रीन पर हर कुछ सेकंड में अपडेट होते हैं (फ़ीड कुछ मिनट देर से हो सकती है)। भारतीय फ्यूचर-ऑप्शन के भाव लाइव अंडरलाइंग से मानक मॉडल पर निकाले जाते हैं, इसलिए वे बाज़ार के साथ चलते हैं लेकिन एक्सचेंज भाव से थोड़े अलग हो सकते हैं।
क्या पेपर ट्रेडिंग असली ट्रेडिंग जैसी ही है?
सुरक्षित प्रैक्टिस में यह सबसे करीब है, लेकिन असली बाज़ार में स्लिपेज, लिक्विडिटी की सीमा और भावनाएँ जुड़ जाती हैं। पेपर ट्रेडिंग से तरीका सीखें और अपने नियम परखें, फिर थोड़े पैसे से असली ट्रेडिंग शुरू करें।
क्या फ़ोन पर इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ। टर्मिनल मोबाइल को ध्यान में रखकर बना है: वॉचलिस्ट, एक टैप में खरीद-बिक्री, पोज़िशन और ऑर्डर — सब नीचे के टैब में, किसी भी मोबाइल ब्राउज़र में चलता है।
सिर्फ़ शिक्षा के लिए — निवेश सलाह नहीं। पेपर ट्रेडिंग वर्चुअल पैसे से होती है; इसके नतीजे असली ट्रेडिंग के नतीजों की गारंटी नहीं हैं, क्योंकि असली बाज़ार में स्लिपेज, लिक्विडिटी की सीमा, टैक्स और भावनाएँ होती हैं जिन्हें सिम्युलेटर पूरी तरह नहीं दिखा सकता। भाव देर से हो सकते हैं। भारतीय F&O भाव मॉडल पर आधारित हैं; US स्टॉक, क्रिप्टो और मेटल लाइव USD/INR दर पर बदले जाते हैं।